36 C
Lucknow
Sunday, April 12, 2026

यूपी में 82 लाख किसान फार्मर रजिस्ट्री से वंचित, एमएसपी पर बिक्री और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर संकट

Must read

लखनऊ

किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किए जाने के बाद भी बड़ी संख्या में किसान अब तक इससे बाहर हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के करीब 81.95 लाख किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है, जिसके चलते उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं बेचने और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के सभी 75 जिलों में कुल 2,88,70,495 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है, जिनमें से अब तक 2,06,75,387 किसानों का ही पंजीकरण हो पाया है। यह लक्ष्य का लगभग 80.32 प्रतिशत है, जबकि शेष करीब 20 प्रतिशत किसान अब भी रजिस्ट्री से वंचित हैं। ऐसे में इन किसानों के सामने एमएसपी पर फसल बेचने का संकट खड़ा हो गया है, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ सकता है।
राजधानी लखनऊ की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यहां 2,46,043 किसानों में से केवल 1,73,915 किसानों ने ही फार्मर रजिस्ट्री कराई है, जो करीब 74.83 प्रतिशत है। इसके चलते लखनऊ प्रदेश में 61वें स्थान पर है। वहीं सुल्तानपुर, कानपुर देहात, देवरिया, गोरखपुर और कौशाम्बी जैसे जिले भी रजिस्ट्री के मामले में पिछड़ रहे हैं, जहां केवल 65 से 70 प्रतिशत किसानों ने ही पंजीकरण कराया है।
वहीं दूसरी ओर रामपुर जिला इस मामले में सबसे आगे है, जहां लगभग 99.58 प्रतिशत किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर ली है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, एटा और कासगंज जैसे जिले भी शीर्ष स्थानों पर हैं, जहां रजिस्ट्री का प्रतिशत 90 से अधिक है।
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि फार्मर आईडी को सभी कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें पीएम किसान सम्मान निधि , उर्वरक-बीज वितरण, कीटनाशक सहायता, मत्स्य पालन और पशुपालन योजनाएं शामिल हैं। भविष्य में इन सभी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी होगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसानों के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 15 अप्रैल तक अधिक से अधिक किसानों को रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, अन्यथा उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किसान आधार कार्ड, खतौनी की प्रति और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ जनसेवा केंद्र, लेखपाल या कृषि विभाग के कर्मचारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा किसान स्वयं भी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते रजिस्ट्री पूरी नहीं हुई तो लाखों किसानों को न केवल आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ भी उन तक नहीं पहुंच पाएगा। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि किसान इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article