लखनऊ| प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए छोटे आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों पर निर्माण संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण ढील दी है। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंड और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंड पर भवन निर्माण कराने वालों को अब भारी-भरकम शुल्क नहीं देना होगा।
नई व्यवस्था के तहत भवन मानचित्र पास कराने पर निरीक्षण शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, यानी मानचित्र पास करवाने के दौरान विभागीय निरीक्षण के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, परमिट शुल्क को घटाकर मात्र 1 रुपये कर दिया गया है, जिससे छोटे भूखंडों पर निर्माण कराने वाले हजारों परिवारों और व्यापारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
नगर विकास विभाग का कहना है कि यह निर्णय आम जनता को प्रोत्साहित करने, अवैध निर्माण रोकने और मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार का मानना है कि ऊंचे शुल्क के कारण लोग अक्सर बिना मानचित्र के निर्माण करा लेते थे, जिससे न सिर्फ कानूनी विवाद बढ़ते थे बल्कि विकास योजनाओं पर भी असर पड़ता था।
इसके अलावा, विभाग ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि मानचित्र अनुमोदन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।





