पायलटों की कमी और नए नियमों के कारण परिचालन ठप, एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की परेशानी बढ़ी
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन संकट लगातार चौथे दिन भी जारी है। शुक्रवार को दिल्ली सहित देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट्स से कम से कम 550 उड़ानें रद्द की गईं, जिससे यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा। कई एयरपोर्ट्स पर लंबी कतारें लग गईं और कुछ यात्रियों ने सामान गायब होने की भी शिकायत दर्ज कराई।
दिल्ली एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को 135 उड़ानें प्रस्थान से पहले और 90 उड़ानें आगमन से पहले ही रद्द कर दी गईं। बेंगलुरु एयरपोर्ट से संचालित 102 और हैदराबाद से 92 उड़ानें रद्द हुईं। मुंबई एयरपोर्ट से 104 फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा। चार दिनों में अब तक 1000 से अधिक उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं।
इंडिगो के मुताबिक यह संकट पायलटों और क्रू मेंबर्स की कमी के कारण पैदा हुआ है। हाल ही में लागू हुए एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों के तहत पायलटों के रेस्ट पीरियड में वृद्धि और रात में लैंडिंग की सीमित संख्या ने परिचालन को बाधित किया है। पायलट अब निर्धारित आराम समय के बिना उड़ान नहीं भर सकते, जिससे कई फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं।
एयरलाइन ने बताया कि 8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या और घटाई जाएगी और परिचालन सामान्य होने में 10 फरवरी तक समय लग सकता है। इंडिगो ने डीजीसीए से रात्रिकालीन उड़ानों पर नियमों में अस्थायी ढील की मांग भी की है। नए नियमों के तहत एक पायलट सप्ताह में केवल दो रात की लैंडिंग कर सकता है और साप्ताहिक आराम को 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है।
सिविल एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू ने हालात का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने एयरलाइन को चेताया कि इस समय टिकटों के दाम बढ़ाने की कोई अनुमति नहीं होगी। मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीजीसीए को प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
इंडिगो ने यात्रियों से माफी मांगी है और कहा कि आने वाले कुछ दिनों तक उड़ानों की संख्या कम रह सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने फ्लाइट शेड्यूल की स्थिति पहले घर से निकलने से जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की अप्रत्याशित परेशानी से बचा जा सके।





