नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। रामलीला मैदान से 500 नई इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ कर दिया गया, जिसके साथ ही दिल्ली देश की सबसे बड़ी ई-बस सिटी बन गई है। इस पहल को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ परिवहन की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इन इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया। इस मौके पर सरकार और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल प्रदूषण कम करेंगी, बल्कि यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सस्ती परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएंगी।
बताया गया कि ये 500 नई ई-बसें राजधानी के विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। डीजल और सीएनजी बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हैं और कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम करती हैं। इसके साथ ही, ई-बसों के संचालन से ईंधन लागत में कमी आएगी और सार्वजनिक परिवहन को आर्थिक रूप से भी मजबूत किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ई-बसें दिल्ली के लिए समय की जरूरत हैं और यह पहल आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देशभर में हरित परिवहन को बढ़ावा दे रही हैं। दिल्ली का ई-बस सिटी बनना पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में अन्य महानगर भी इसी मॉडल को अपनाएंगे।
500 नई इलेक्ट्रिक बसों के शुभारंभ के साथ दिल्ली ने स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह कदम न केवल राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि प्रदूषण मुक्त और सतत विकास की दिशा में भी निर्णायक साबित होगा।

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