नई दिल्ली/दुबई।
मध्य पूर्व के संवेदनशील समुद्री इलाके में भारत से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम ने चिंता बढ़ा दी है। शिप ट्रैकर वेबसाइट्स के अनुसार, भारत के लिए एलपीजी लेकर आ रहे 5 बड़े गैस टैंकर फिलहाल दुबई और रस अल खैमाह के उत्तर में, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बेहद करीब समुद्र में लंगर डाले खड़े हैं।
ये सभी जहाज भारतीय ध्वज वाले बताए जा रहे हैं और भारत के लिए रसोई गैस (एलपीजी) की सप्लाई लेकर आ रहे थे। लेकिन अचानक इनका रुक जाना कई सवाल खड़े कर रहा है—क्या यह सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला है या फिर क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर?
जानकारों का कहना है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की हलचल सीधे तौर पर ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर डाल सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, इन टैंकरों को एहतियातन रोका गया है ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके। हालांकि अभी तक इस पर भारत सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह स्थिति लंबी खिंचती है, तो भारत में एलपीजी सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर पहले से ही तेल और गैस बाजार अस्थिर बना हुआ है।
फिलहाल सभी जहाज सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह घटनाक्रम एक बार फिर यह याद दिलाता है कि भारत की ऊर्जा जरूरतें किस तरह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों और वैश्विक हालातों पर निर्भर हैं।
आने वाले समय में यह साफ होगा कि ये टैंकर कब आगे बढ़ते हैं और क्या यह सिर्फ अस्थायी रुकावट है या फिर किसी बड़े भू-राजनीतिक तनाव का संकेत।
हॉर्मुज़ के पास अटके भारत के 5 गैस टैंकर, सप्लाई पर मंडराया खतरा


