964 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
लखनऊ| उत्तर प्रदेश में सड़क और रेल यातायात को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में 23 बड़े नदी सेतु और पांच रेलवे उपरिगामी सेतुओं (आरओबी) के निर्माण को नाबार्ड योजना के तहत अंतिम मंजूरी मिल गई है। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की वित्तीय सहायता से बनने वाली इन परियोजनाओं पर कुल 964 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग के अनुसार परियोजनाओं पर एक से डेढ़ माह के भीतर कार्य शुरू कर दिया जाएगा और इन्हें एक से डेढ़ वर्ष की निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा।
इन परियोजनाओं में नदी सेतुओं के निर्माण पर 511 करोड़ रुपये तथा रेलवे उपरिगामी सेतुओं पर 453 करोड़ रुपये की लागत आएगी। पुलों और आरओबी के निर्माण से सीतापुर, बहराइच, अंबेडकरनगर, लखनऊ, अयोध्या, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, श्रावस्ती, बाराबंकी सहित प्रदेश के करीब 25 जिले प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। इन क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार, कृषि विपणन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में बेहटा नाले पर, बाराबंकी के बाजपुर घाट पर, सीतापुर में चौका नदी के कन्हई घाट पर, बांदा-जमवारा मार्ग पर रंज नदी तथा झांसी-कटेरा-रानीपुर मार्ग पर सुखनेई नदी पर पुल बनाए जाएंगे। बहराइच में सरयू नदी पर रामपुर लक्ष्मणाघाट, संतकबीरनगर में आमी नदी के सरौवा घाट, अंबेडकरनगर के कटेहरी क्षेत्र में बिसुही नदी पर सेतु का निर्माण प्रस्तावित है। आगरा के सैया में पार्वती नदी, चित्रकूट के निहि क्षेत्र में छुलछुलिया नदी, रामपुर के मिलक क्षेत्र और आदमपुर-बेहटा मार्ग के मध्य पीलाखार नदी, महोबा के सबुवा मार्ग पर चंद्रावल नदी तथा देवरिया के रामपुर कारखाना क्षेत्र में गंडक नदी पर भी पुल बनाए जाएंगे।
इसके अलावा अयोध्या के बीकापुर में तमसा नदी, हापुड़ के झंडा मुशर्रफपुर में काली नदी, लखीमपुर खीरी के मकनपुर में सहेली नदी, पीलीभीत के बीसलपुर में देबहा नदी, बागपत के झुंडपुर में हिंडन नदी और असारा के पास कृष्णा नदी, वाराणसी के महादेवा घाट पर वरुणा नदी, श्रावस्ती के कटरा-मथुरा घाट मार्ग पर राप्ती नदी तथा कानपुर नगर में पांडु नदी पर पुल निर्माण किया जाएगा।
रेलवे उपरिगामी सेतुओं की बात करें तो जौनपुर में जलालगंज-सिकोनी रेलवे स्टेशन के बीच, मथुरा में सौख मार्ग पर मथुरा-अलवर रेल सेक्शन में, औरैया में कानपुर-इटावा रेल सेक्शन के अछल्दा मार्ग पर, प्रयागराज में मऊ आइमा रेलवे स्टेशन के पास तथा संतकबीरनगर में संत कबीरदास के महापरिनिर्वाण स्थल मगहर शहर से अशरफाबाद मार्ग पर आरओबी का निर्माण होगा। लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी ने बताया कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी की जाएंगी, जिससे प्रदेश में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।






