सोनभद्र। ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुण्डी पत्थर खदान में शनिवार की दोपहर हुए भीषण हादसे में अब तक पांच मजदूरों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। रविवार रात एक शव मिलने के बाद सोमवार तड़के चार और शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान इंद्रजीत यादव (32), उनके भाई संतोष यादव (30), रविंद्र उर्फ नानक, राजू गोंड, और एक अन्य के रूप में हुई है। सभी शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिए गए हैं।
घटना के बाद से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम पिछले 40 घंटे से लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बचाव दल विशाल चट्टानों को तोड़कर रास्ता बना रहा है, जहां एक बड़ी चट्टान राहत कार्य में अब तक सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि इस चट्टान को हटाने के बाद मजदूरों की वास्तविक संख्या और उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
शनिवार दोपहर श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की इस खदान में ड्रिलिंग के दौरान अचानक चट्टान धंस गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त खदान में 15 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। हालांकि कई मजदूर समय रहते मौके से भागकर जान बचाने में सफल रहे। उस समय खदान में नौ कंप्रेशर मशीनों से ब्लास्टिंग के लिए छेद किए जा रहे थे।
सूचना मिलते ही डीएम, एसपी और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। रात में मृतकों के परिजनों को घटनास्थल से हटाकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया।
खदान हादसे ने क्षेत्र में कोहराम मचा दिया है और लोगों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गहरी नाराजगी दिखाई दे रही है। बचाव कार्य अभी भी युद्धस्तर पर जारी है।





