हिमालय कंपनी की नकली Liv-52 बनाकर कई जिलों में कर रहे थे सप्लाई
गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले में नकली दवाओं के गोरखधंधे का बड़ा खुलासा हुआ है। मुरादनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिमालय कंपनी की नकली लिवर दवा Liv-52 बनाने और बेचने वाले गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में नकली दवाइयां और पैकिंग का सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से
50 हजार नकली टैबलेट,
500 रैपर (पैकिंग कवर),
1200 ढक्कन व डिब्बियां,
नकली दवा सप्लाई में प्रयुक्त एक कार बरामद की गई है।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हरियाणा के सोनीपत में नकली दवा तैयार करवाते थे और बाद में उसे अलग-अलग जिलों में सप्लाई करते थे। बीते चार महीनों में यह गिरोह कई जिलों में नकली दवा खपा चुका है।
कई जिलों में की जा चुकी है सप्लाई
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि नकली Liv-52 की सप्लाई
अलीगढ़, मथुरा, मेरठ, बिजनौर सहित कई जिलों में की गई थी। आरोपी असली दवा से करीब 20 प्रतिशत कम दाम में नकली दवा बेचते थे, जिससे दुकानदार और ग्राहक आसानी से धोखे में आ जाते थे।
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम—
मयंक, नितिन, अनूप, तुषार और आकाश बताए गए हैं। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, नकली दवा निर्माण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ से जुड़ी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली दवाएं लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा हैं। इस गिरोह की गिरफ्तारी से एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अब यह जांच की जा रही है कि इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा सप्लाई चेन कितनी दूर तक फैली है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे दवा खरीदते समय ब्रांड, पैकिंग और बिल की जांच जरूर करें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत पुलिस या औषधि विभाग को दें।






