इंदौर: इंदौर (Indore) के भागीरथपुरा इलाके में पेयजल त्रासदी के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को इंदौर में विपक्षी कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। इस त्रासदी में अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है। झड़प के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर कम से कम 45 कांग्रेस नेताओं (Congress leaders) और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
यह घटना तब घटी जब जल प्रदूषण त्रासदी की जांच के लिए गठित कांग्रेस की तथ्य-जांच समिति प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए इंदौर के भागीरथपुरा जा रही थी। समिति का नेतृत्व पूर्व राज्य मंत्री सज्जन सिंह वर्मा कर रहे थे और इसमें कांग्रेस विधायक महेश परमार और प्रताप ग्रेवाल भी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए, उन्होंने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को काले झंडे दिखाए और उन्हें वापस जाने के लिए नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी जवाब में नारे लगाए, जिससे तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
इसके बाद प्रतिद्वंद्वी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें वे आपस में हाथापाई करने लगे और चप्पलें फेंकने लगे। इस हंगामे के बीच, पुलिस ने कांग्रेस समिति के सदस्यों और अन्य पार्टी नेताओं को भागीरथपुरा से बाहर निकालकर केंद्रीय जेल ले गई। इंदौर के पुलिस उपायुक्त राजेश व्यास के अनुसार, 10 महिलाओं सहित 45 लोगों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। हालांकि, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सत्ताधारी भाजपा के इशारे पर काम किया और उन्हें पीड़ित परिवारों से मिलने से रोका।


