शुक्लागंज में ब्रिटिशकालीन रेल गंगा पुल के डाउन ट्रैक पर गुरुवार, 2 अप्रैल से 42 दिनों का मेगा ब्लॉक शुरू हो रहा है। इस दौरान पुराने स्लीपरों को हटाकर नए एच-बीम स्लीपर लगाए जाएंगे। बुधवार को इसकी तैयारियां जोरों पर रहीं, जिसमें करीब 100 मजदूरों को लगाकर ट्रैक से गिट्टी हटाने का कार्य कराया गया। यह कार्य कानपुर और शुक्लागंज दोनों छोर पर तेजी से किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मेगा ब्लॉक के दौरान कानपुर छोर से लोहे के ट्रफ काटने का काम भी शुरू किया जाएगा। मजदूरों के रहने और खाने की व्यवस्था भी मौके पर की जा रही है, ताकि कार्य बिना किसी बाधा के समय पर पूरा किया जा सके। इस मरम्मत कार्य के चलते कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ने की संभावना है।
हालांकि, इस कार्य को लेकर पर्यावरण संबंधी चिंता भी सामने आई है। आरोप है कि डाउन ट्रैक से निकाली जा रही गिट्टियां गंगा नदी में फेंकी जा रही हैं, जिससे पानी प्रदूषित हो सकता है और जलीय जीव-जंतुओं के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। इस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी भी जताई है।
वहीं, रेल गंगा पुल के अप ट्रैक पर ट्रेनों की गति बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है। वर्तमान में यहां 75 किमी प्रति घंटे की गति सीमा लागू है, जिसे बढ़ाकर जल्द ही 100 किमी प्रति घंटा किया जाएगा। सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग द्वारा केबल और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जा चुका है, जिससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम और तेज हो सकेगी।


