फर्रुखाबाद। जनपद का ऐतिहासिक बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। लगभग 300 वर्ष पुराने इस मंदिर की स्थापना उस समय हुई, जब मंदिर के पीछे बने तालाब से माता शीतला की प्रतिमा प्रकट हुई थी। प्रतिमा के साथ ही मां दुर्गा, मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की मूर्तियां भी प्राप्त हुई थीं। इन सभी मूर्तियों को वैदिक रीति से मंदिर में स्थापित कराया गया।
तभी से यहां शीतला माता को इष्ट देवी मानकर पूजा-अर्चना शुरू हुई। श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार और अन्न प्राशन भी परंपरागत रूप से यहीं कराते हैं। समय-समय पर मंदिर का विस्तार हुआ और आज परिक्रमा मार्ग पर भगवान गणेश, सूर्य देव, भगवान विष्णु और नीलकंठ महादेव की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि माता शीतला अपने भक्तों के कष्ट दूर कर मन को शीतलता प्रदान करती हैं। नवरात्र के दौरान यहां विशेष भीड़ उमड़ती है। मंदिर के पुजारी विक्की श्रीमाली के अनुसार—
“जो भी भक्त नवरात्र में सच्चे मन से मां से मनोकामना करता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है।”






