अमेठी| शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। थौरा गांव के पास बुलेट और डीसीएम में आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में महाराजपुर निवासी उत्कर्ष सिंह (सैनिक), बजरंग सिंह और अंशु सिंह की मौत हो गई। हादसे से कुछ घंटे पहले तक तीनों एक शादी समारोह में हंसी-खुशी शामिल थे, लेकिन रात की वापसी यात्रा में अचानक मिली इस त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया। सबसे दर्दनाक बात यह कि 32 वर्षीय सैनिक उत्कर्ष शुक्रवार दोपहर ही जम्मू से छुट्टी पर घर पहुंचे थे। परिवार से मिलकर वे सीधे दोस्त की शादी में शामिल हुए थे, लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी जिंदगी का अंत हो गया।
बारात महाराजपुर के शेरा लाल कोरी के घर से हारीपुर गई थी। शादी समारोह से लौटते वक्त थौरा गांव की सीमा में उनकी बुलेट सामने से आ रही डीसीएम में जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्थल पर ही उत्कर्ष और बजरंग ने दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल अंशु को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सुबह उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त डीसीएम को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर रवि सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
हादसे की खबर सुबह गांव पहुंची तो माहौल शोक में डूब गया। महाराजपुर और आसपास के गांवों में मातम पसर गया। तीनों घरों में कोहराम मच गया, महिलाएं और परिजन बिलखते रहे, और गांव में हर किसी की आंखें नम हो गईं। सैनिक उत्कर्ष सिंह की मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया। उनकी पत्नी सोनम, बेटी माही (10) और बेटा रुद्र (8) लगातार रोते रहे। पिता शेर बहादुर बेटे पर ही निर्भर थे। छोटा भाई संदीप भी सेना में तैनात है। उधर, बैजनाथ गांव के 30 वर्षीय अंशु सिंह की मौत ने परिवार की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। वह घर का इकलौता बेटा था और उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। खेती-बाड़ी की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी दो बहनें प्रतिमा और पूनम सदमे में हैं और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
इसी तरह 25 वर्षीय बजरंग सिंह की मौत ने परिवार की खुशियों को पल भर में खत्म कर दिया। मेहनती और सरल स्वभाव वाले बजरंग को गांव में हर कोई पसंद करता था। रात तक जिस घर में हंसी-खुशी थी, सुबह वहां मातम पसरा मिला। माता-पिता और रिश्तेदारों की चीखें सुनकर गांव के लोग भी आंसू नहीं रोक सके। तीनों युवकों की असमय मौत ने पूरे इलाके में शोक और पीड़ा का माहौल पैदा कर दिया है।




