दो माह से मासूम हत्याकांड अनसुलझा, एसओजी,सर्विलेंस, सहित कई टीमें फेल
फर्रुखाबादl कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में महज 24 घंटे के भीतर तीन हत्याओं की वारदातों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। एक ओर जहां मंझोला श्यामनगर गांव के पास आम के बाग में 30 वर्षीय अज्ञात महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई, वहीं मोहल्ला कूंचा में बुजुर्ग दंपति की घर के अंदर घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई। इन घटनाओं ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आमजन में भय और असुरक्षा की भावना भी गहरा दी है।
आम के बाग में अज्ञात महिला की गला घोंटकर हत्या
कायमगंज क्षेत्र के गांव मंझोला श्यामनगर के पास स्वर्गीय अथर खां के आम के बाग में शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे ग्रामीणों ने एक महिला का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद उच्चाधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
मृत महिला की उम्र लगभग 30 वर्ष आंकी गई है। उसके गले पर स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई गई है। महिला ने लाल रंग का प्रिंटेड लांग स्वेटर और नीले रंग का प्रिंटेड लोअर पहन रखा था। एक पैर में चप्पल थी, जबकि दूसरी चप्पल कुछ दूरी पर पड़ी मिली, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले संघर्ष हुआ होगा।
घटनास्थल का निरीक्षण करने पुलिस उप महानिरीक्षक हरीश चंदर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी पहुंचे। नगर चौकी प्रभारी सोमवीर सिंह ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के गांवों में महिला की शिनाख्त कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी पहचान नहीं हो सकी थी।
घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति की बेरहमी से हत्या
दूसरी बड़ी वारदात कायमगंज के मोहल्ला कूंचा में सामने आई, जहां 70 वर्षीय पुरुषोत्तम कौशल और उनकी 65 वर्षीय पत्नी पुष्पा देवी की घर में घुसकर हत्या कर दी गई। दोनों की गोद ली हुई बेटी गुनगुन की करीब आठ वर्ष पहले शादी हो चुकी थी और दंपति घर में अकेले रहते थे।
गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे दूधिया बृजेश गुप्ता रोज की तरह दूध देने पहुंचा। आवाज देने पर जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसने दरवाजे को धक्का दिया, जो खुल गया। अंदर का दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। पुरुषोत्तम का शव कमरे में बेड पर पड़ा था, जबकि पुष्पा देवी का शव आंगन में पड़ा मिला।
पुरुषोत्तम के गले में तार या रस्सी कसने के निशान थे। घर के अंदर अलमारी और स्टोर रूम का बक्सा खुला पड़ा था और सामान बिखरा हुआ था। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि लूटपाट के दौरान दंपति की हत्या की गई। सभासद सचिन की सूचना पर सीओ राजेश द्विवेदी और इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी पुलिस बल के साथ पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस अधीक्षक आरती सिंह और जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत होता है और कई टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
बेटी का दर्द: जेवर और कागजात गायब
घटना की सूचना मिलते ही मृतक दंपति की बेटी गुनगुन अपने पति सत्यम के साथ रात करीब नौ बजे पहुंची। माता-पिता के शव देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़ी। उसने घर के कमरों और अलमारी की जांच की तो पता चला कि जेवर और भूमि संबंधी महत्वपूर्ण कागजात गायब हैं।
गुनगुन ने बताया कि उसके माता-पिता की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। उसने आशंका जताई कि लूट के इरादे से बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। परिवार में कोहराम मचा हुआ है और मोहल्ले में दहशत का माहौल है।
पहले की वारदात भी अब तक अनसुलझी
गौरतलब है कि थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव कोरी खेड़ा में दो माह पूर्व एक मासूम बालक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। उस घटना का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की कई टीमें गठित की गईं, लेकिन नतीजा शून्य रहा।
अब लगातार तीन नई हत्याओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता का कहना है कि यदि पहले की घटना का समय रहते खुलासा हो जाता, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद न होते।
क्या कायमगंज में अपराधियों को नहीं रहा कानून का डर
24 घंटे में तीन-तीन हत्याएं होना किसी भी क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। खुले बाग में महिला की हत्या और घर के अंदर बुजुर्ग दंपति की निर्मम हत्या यह दर्शाती है कि अपराधियों को पुलिस का भय नहीं रह गया है।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और जल्द से जल्द घटनाओं का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। क्या पुलिस इन घटनाओं का शीघ्र खुलासा कर पाएगी या फिर ये मामले भी लंबित फाइलों में दबकर रह जाएंगे? कायमगंज की जनता जवाब चाहती है और सुरक्षा का भरोसा भी।


