फर्रूखाबाद| सात वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में अदालत ने तीन सगे भाइयों सहित चार आरोपियों को दोषी करार दे दिया। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष गैंगस्टर एक्ट न्यायाधीश रितिका त्यागी ने मनोज, मुकेश, उमेश पुत्रगण नरसिंह तथा वेदपाल पुत्र बाबूराम, निवासीगण गंगलई मसरक, थाना शमशाबाद को दोष सिद्ध पाते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। अदालत ने सजा निर्धारण के लिए 25 नवंबर की तिथि नियत की है।
यह मामला सात वर्ष पूर्व शुरू हुआ था, जब तत्कालीन थानाध्यक्ष जयंती प्रसाद गंगवार ने समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत नरसिंह, मनोज, मुकेश, उमेश और वेदपाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि ये सभी आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में भय और आतंक व्याप्त कर अवैध धन अर्जन तथा भौतिक लाभ प्राप्त करने में लगे हुए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना पूरी की और साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोप पत्र माननीय न्यायालय में दाखिल किया।
विचारण के दौरान आरोपी नरसिंह की मृत्यु हो गई, जबकि बाकी चारों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया जारी रही। बचाव पक्ष की दलीलों तथा शासकीय अधिवक्ता शैलेश सिंह परमार की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने सभी चारों—मनोज, मुकेश, उमेश और वेदपाल—को दोषी करार देते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत 25 नवंबर को चारों दोषियों की सजा पर फैसला सुनाएगी।




