मिलीभगत या लापरवाही पर होगी विजिलेंस जांच: मुख्यमंत्री
लखनऊ।मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेशभर में फील्ड में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों की निरंतर और प्रभावी निगरानी की जाएगी। किसी भी स्तर पर यदि मिलीभगत, भ्रष्टाचार, लापरवाही या कर्तव्यों के प्रति उदासीनता सामने आती है, तो बिना किसी दबाव या पक्षपात के विजिलेंस जांच कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका लाभ सीधे और ईमानदारी से आम जनता तक पहुंचे। इसके लिए फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि यही अधिकारी अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करेंगे, तो जनहित प्रभावित होगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से क्षेत्र में भ्रमण करें, जनता से संवाद बनाए रखें और समस्याओं का समयबद्ध समाधान करें। शिकायत मिलने पर उसकी तत्काल जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन विभागों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां विशेष ऑडिट और गोपनीय जांच कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी को पद से हटाने के साथ-साथ विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि ईमानदार अधिकारियों को पूरा संरक्षण दिया जाएगा, जबकि भ्रष्टाचार और लापरवाही में लिप्त अधिकारियों के लिए प्रशासन में कोई स्थान नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि शासन की छवि खराब करने वालों पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस सख्त निर्देश के बाद प्रशासनिक अमले में सतर्कता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के इस निर्णय से फील्ड स्तर पर जवाबदेही मजबूत होगी, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा और जनता का भरोसा शासन-प्रशासन पर और मजबूत होगा।




