खैरागढ़ (छत्तीसगढ़): पर्यावरण प्रेम और भावनाओं से जुड़ा एक बेहद मार्मिक दृश्य उस वक्त देखने को मिला, जब एक बुज़ुर्ग महिला अपने हाथों लगाए गए 20 साल पुराने पीपल के पेड़ को कटता देख फूट-फूटकर रो पड़ी।
घटना खैरागढ़ ज़िले के एक गांव की है, जहां सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान प्रशासन ने कई पेड़ों को काटने का आदेश दिया था। उन्हीं में यह पीपल का पेड़ भी शामिल था। जैसे ही जेसीबी मशीनें पेड़ की शाखाएं काटने लगीं, बुज़ुर्ग महिला वहां पहुंचीं और अपने आँचल से पेड़ के तने को लपेटकर रुकने की गुहार लगाने लगीं।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, महिला ने यह पेड़ करीब दो दशक पहले अपने पति की याद में लगाया था। पेड़ न केवल छांव और ऑक्सीजन का स्रोत था, बल्कि गाँव के कई लोगों के लिए आस्था का प्रतीक भी बन गया था।
भावुक दृश्य देखकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। कई लोगों ने पेड़ को बचाने की अपील की, लेकिन विकास कार्य का हवाला देते हुए प्रशासन ने कटाई रोकने से इनकार कर दिया।
यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि विकास की दौड़ में हम प्रकृति और भावनाओं से कितनी दूर जा चुके हैं।





