अयोध्या। जिला जेल से दो बड़े और खतरनाक कैदियों के फरार होने की सनसनीख़ेज़ घटना सामने आई है। इस जेल ब्रेक के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
फरार कैदियों की पहचान
जेल से फरार हुए कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज अग्रहरि — हत्या के प्रयास के मामले में बंद है।
शेर अली — दुष्कर्म के गंभीर आरोप में निरुद्ध
के रूप में हुई है।
घटना सामने आते ही जेल प्रशासन पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
डीजी जेल पीसी मीणा के निर्देश पर—वरिष्ठ जेल अधीक्षक यूसी मिश्रा सस्पेंड,जेलर जे.के. यादव निलंबित
डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी निलंबित
हेड वार्डर सहित 3 जेल वार्डर भी निलंबित कर दिए गए।
कुल मिलाकर 6 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरी है।
कैदियों के फरार होने के बाद
पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई है
पुलिस और एसटीएफ को अलर्ट पर रखा गया है,
संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है
इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है— इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद कैदी कैसे फरार हुए? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या अंदरूनी मिलीभगत का मामला?
क्या किसी जेलकर्मी की मदद से कैदियों को भगाया गय?
प्रशासन ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
दो गंभीर अपराधों में बंद कैदियों के फरार होने से आम लोगों में डर का माहौल है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को इन कैदियों के बारे में कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें।





