कासगंज
सहावर क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपये के बड़े जीएसटी घोटाले का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। इस पूरे प्रकरण में बाहरी राज्य से संचालित ठगी का खुलासा हुआ है, जिसने कर विभाग और पुलिस दोनों को सतर्क कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को पंजाब से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है, जबकि मामले की गहराई से जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार पंजाब के लुधियाना निवासी साहिल बंसल पुत्र राजेश कुमार बंसल ने सुनियोजित तरीके से सहावर क्षेत्र के गांव फरौली निवासी करन कुमार पुत्र राज कुमार के नाम पर ‘केके इस्पात उद्योग’ के नाम से एक फर्जी जीएसटी फर्म तैयार की। इस फर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यापारिक बिल काटे गए और इन बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दुरुपयोग किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 2 करोड़ 3 लाख 64 हजार 186 रुपये के घोटाले का मामला सामने आया, जिससे कर विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
इस मामले में अलीगढ़ रेंज के राज्य कर अधिकारी चयनजीत सिंह ने सहावर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब के लुधियाना स्थित आरोपी के आवास पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। मौके से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, बिल और अन्य महत्वपूर्ण कागजात भी बरामद किए गए हैं, जो इस संगठित फर्जीवाड़े की पुष्टि करते हैं।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि यह घोटाला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सहावर थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद वल्लभ शर्मा ने बताया कि आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है और पुलिस टीम मामले की तह तक पहुंचने के लिए लगातार जांच कर रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस प्रकरण में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में भी चिंता का माहौल है। कर विभाग ने इस प्रकार की फर्जी फर्मों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के घोटालों पर रोक लगाई जा सके।


