रायबरेली: यूपी के रायबरेली (Raebareli) में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की मुख्य शाखा से जुड़े व्यक्तिगत ऋण धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक ऋण अधिकारी भी शामिल है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही घोटाले की नई परतें तेजी से खुल रही हैं। इससे पहले, पुलिस ने इस मामले में दो दंपत्तियों सहित पांच आरोपियों को जेल भेजा था, अधिकारियों ने आज इसकी पुष्टि की।
अधिकारियों के अनुसार, जाली दस्तावेजों का उपयोग करके बैंक में कुल 48 व्यक्तिगत ऋण खाते धोखाधड़ी से खोले गए थे। आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी वेतन पर्ची और नियुक्ति पत्र तैयार किए और ऋण प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड के विवरण जैसे नाम और पते में भी हेरफेर किया। इस संबंध में 29 दिसंबर, 2025 को कोतवाली नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। अब तक, पुलिस संदिग्ध खातों से लगभग 27 लाख रुपये जब्त करने में सफल रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घोटाले में शामिल 48 व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए लोगों में बैंक के क्रेडिट अधिकारी अमित कन्नौजिया भी शामिल हैं, जिन पर जाली दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृत करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप है। दूसरे आरोपी सत्यम उर्फ शिवम ने कथित तौर पर एक एजेंट के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके ऋण प्राप्त करने की बात स्वीकार की है।
इससे पहले, पुलिस ने उन्नाव, लखनऊ (बीकेटी क्षेत्र) और सीतापुर से व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। शेष फरार आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं और आगे की जांच चल रही है।


