लखनऊ। राजधानी लखनऊ में देशभर के विधानसभा अध्यक्षों का बड़ा जमावड़ा होने जा रहा है। 19 से 21 जनवरी तक एक विशेष राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति भाग लेंगे।
इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए जनप्रतिनिधि विधानसभा की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं, विधायी सुधारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन करेंगे। सम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं और प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
सभी राज्यों के अध्यक्ष होंगे शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस सम्मेलन में देश के सभी राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही विधान परिषद वाले राज्यों से उनके सभापति भी सम्मेलन का हिस्सा होंगे। इसे विधायी संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय और अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
22 जनवरी को अयोध्या दौरा
सम्मेलन के समापन के बाद 22 जनवरी को सभी विधानसभा अध्यक्ष और सभापति अयोध्या का दौरा करेंगे। अयोध्या भ्रमण के दौरान प्रतिनिधि धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के दर्शन करेंगे। इसे सम्मेलन से इतर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद
राजधानी में इतने बड़े स्तर पर देशभर के संवैधानिक पदाधिकारियों के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन और पुलिस को आयोजन स्थल, आवास और आवागमन मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यह सम्मेलन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की विधायी संस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है, जिसमें लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने पर साझा विमर्श होगा।


