इंदौर| भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी ने गंभीर संकट का रूप ले लिया है। अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2800 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं। गुरुवार को 338 नए मरीज सामने आए, वहीं विभिन्न अस्पतालों में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले पर लगातार संवेदनशील बने हुए हैं और स्वयं हालात की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट तलब की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इलाज, दवाओं और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा है कि दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी।
शुक्रवार को एक बुजुर्ग महिला की अरविंदो अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। भागीरथपुरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र और आसपास के अस्पतालों में सुबह से देर रात तक मरीजों की भीड़ लगी हुई है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उल्टी-दस्त, बुखार और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कई परिवारों में सभी सदस्य एक साथ बीमार हो गए हैं, जिससे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री ने भी घटनास्थल का दौरा किया और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। मंत्रियों ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल आपूर्ति लाइनों की तकनीकी जांच कराई जाए। प्राथमिक जांच में सीवरेज और पेयजल लाइन के आपस में मिलने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने राहत कार्यों के तहत 21 टीमें गठित की हैं, जिनमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। ये टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं और लोगों को उबला हुआ पानी पीने, बाहर का भोजन न करने तथा लक्षण दिखते ही तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दे रही हैं। गुरुवार को 1714 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 8571 लोगों की जांच हुई और 338 मरीज चिन्हित किए गए।
नगर निगम द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन दूषित पानी की आशंका के चलते लोग टैंकर के पानी का उपयोग करने से भी डर रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में आरओ का पानी मंगवाकर पी रहे हैं। जल संकट के बाद इंदौर-311 हेल्पलाइन पर जल संबंधी शिकायतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटे में 206 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें जोन नंबर पांच से आई हैं।
प्रशासन का दावा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावित इलाके में विशेष निगरानी रखी जा रही है, लेकिन भागीरथपुरा के लोग अभी भी पूरी तरह सुरक्षित जल आपूर्ति बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।





