लखनऊ| उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के 127 पंजीकृत राजनीतिक दलों को कड़े संदेश दिए हैं।
तीन दिनों की सुनवाई में 66 दलों ने अपना पक्ष रखा, जबकि अंतिम दिन केवल 26 दल ही उपस्थित हुए। सीईओ ने वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, खर्च विवरण और ईमेल पतों की जांच की और कहा कि जो दल समय पर रिपोर्ट नहीं देंगे, उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
सीईओ ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत सभी दलों को हर वर्ष आय-व्यय का विवरण देना अनिवार्य है। ऐसा न करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी। इस सख्ती से प्रदेश की राजनीति में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।




