औरैया: अजीतमल तहसील स्थित संगम सभागार में शनिवार को तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने की। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 106 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देशों के साथ प्रेषित किया गया।
समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। प्राप्त शिकायतों में अधिकांश प्रकरण राजस्व एवं पुलिस विभाग से संबंधित रहे। इनमें भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन, अवैध कब्जे, मारपीट और शिकायतों पर कार्रवाई न होने जैसे मामले प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग से संबंधित बिल संशोधन और लाइन खराब होने की शिकायतें, रसद विभाग से राशन कार्ड एवं वितरण संबंधी समस्याएं, समाज कल्याण विभाग से पेंशन प्रकरण, कृषि विभाग से फसल बीमा एवं अनुदान से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर संभव है, उन्हें तत्काल हल किया जाए और शेष प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी अजीतमल अभिषेक भारती, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला वन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने एक-एक फरियादी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, लंबित प्रकरणों की समीक्षा तथा जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि यह आमजन के लिए राहत का वास्तविक मंच बने। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से प्रकरणों की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रशासन ने आमजन को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।


