मुजफ्फरनगर| खतौली क्षेत्र के एक गांव में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक ही दुल्हन के लिए दो अलग-अलग दूल्हे बरात लेकर पहुंच गए। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और गांव में उत्सव जैसा माहौल था, लेकिन अचानक हुए घटनाक्रम ने पूरे कार्यक्रम को विवाद में बदल दिया। दोनों पक्षों के लोग पहले आपस में बात कर मामला सुलझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन स्थिति बिगड़ती चली गई और अंत में किसी की भी शादी नहीं हो सकी।
दुल्हन के पिता के अनुसार बेटी की शादी करीब छह महीने पहले शामली के बाबरी गांव निवासी प्रदीप उर्फ अनिल से तय हुई थी। शादी से ठीक एक दिन पहले दूल्हे के भाई का निधन हो गया, जिसके कारण दूल्हे पक्ष ने बरात को लेकर अंतिम निर्णय नहीं बताया। दुल्हन पक्ष ने तैयारियों को देखते हुए सोमवार शाम को ही मेरठ के थाना मेडिकल क्षेत्र के गांव डिग्गी निवासी आकाश से रिश्ता तय कर लिया और शर्त रखी कि बरात अगले दिन ही आएगी।
मंगलवार को स्थिति तब और उलझ गई जब शामली और मेरठ दोनों जगहों से दूल्हे अपनी-अपनी बरात लेकर गांव पहुंच गए। एक दुल्हन के लिए दो बरातें आने की खबर फैलते ही गांव में हंगामा हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच किसी ने दुल्हन के नाबालिग होने की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन को दे दी।
सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम प्रभारी सचिन कुमार और सुपरवाइजर भुवनेश्वर के नेतृत्व में गांव पहुंच गई। टीम ने दुल्हन की उम्र से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन परिजन कोई प्रमाणपत्र नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम दुल्हन को अपने साथ ले गई और उसे जिला अस्पताल के वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। अधिकारियों के अनुसार ओसिफिकेशन टेस्ट के जरिए लड़की की वास्तविक उम्र तय की जाएगी और फिर बाल कल्याण समिति के सामने मामला पेश किया जाएगा।
उम्र को लेकर विवाद गहराने के बाद दोनों दूल्हों को अपनी-अपनी बरात के साथ बिना फेरे लिए वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि दुल्हन का पूरा परिवार दिव्यांग है और शादी की अधिकांश तैयारियां गांव के लोगों ने मिलकर की थीं। अब दुल्हन की उम्र तय होने के बाद ही आगे शादी को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा। इस अनोखे घटनाक्रम की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।


