एटा। जनपद में निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत तैयार अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। करीब छह महीने तक चले इस व्यापक सत्यापन अभियान के बाद जिले की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस बार कुल 1 लाख 47 हजार नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसके बाद अब एटा जनपद में 11 लाख 64 हजार 967 मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
जानकारी के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 को की गई थी, जिसके अंतर्गत बूथ स्तर पर घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने प्रत्येक परिवार से संपर्क कर मतदाता सूची का मिलान किया और मृत, स्थानांतरित या दोहरे नामों को चिन्हित किया। लंबे समय तक चले इस अभियान के बाद 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई, जिसे सभी मतदान केंद्रों पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया है।
मतदाता सूची से नाम कटने के प्रमुख कारणों में मतदाता की मृत्यु, एक ही व्यक्ति के नाम का एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होना, तथा लंबे समय से क्षेत्र से बाहर रहना शामिल है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि भविष्य में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा सके।
अंतिम सूची जारी होते ही सुबह से ही विभिन्न बूथों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मतदाता अपने नाम की पुष्टि करने के लिए उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंचे। कई लोग अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी सूची में जांचते नजर आए। वहीं जिन लोगों के नाम सूची में नहीं मिले, उनमें चिंता भी देखी गई।
प्रशासन ने ऐसे लोगों के लिए राहत की व्यवस्था भी रखी है। जिनका नाम सूची से छूट गया है या किसी कारणवश हट गया है, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम की जांच अवश्य करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसे समय रहते सही करवा लें। अधिकारियों का कहना है कि इस बार मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और सटीक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो सके।
यह संशोधित मतदाता सूची न केवल चुनावी प्रक्रिया को मजबूती देगी, बल्कि लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


