सीडीओ के अनुमोदन पर डीडीओ ने की कार्रवाई, 15 दिन में आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश
फर्रुखाबाद। कमालगंज की ग्राम पंचायत नगला दाउद समेत अन्य ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान में अनियमितताओं के मामले में जिला विकास अधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप यादव को निलंबित कर दिया है। उन पर नियमों के विरुद्ध विभिन्न लोगों के नाम भुगतान करने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। निलंबन अवधि में उन्हें डीडीओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। बीडीओ राजेपुर को जांच अधिकारी नामित करते हुए 15 दिन में आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीडीओ के अनुमोदन पर जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी ने यह कार्रवाई की। जांच में ग्राम पंचायत नगला दाउद में अब्दुला खां के नाम 4,88,492 रुपये और ग्राम प्रधान व उनके पति फिरोज खां के नाम 1,84,110 रुपये का भुगतान नियम विरुद्ध किए जाने का मामला सामने आया।
इसके अलावा ग्राम पंचायत नसरतपुर नौगांव में विभिन्न तिथियों पर समाउदीनपुर के नाम 11,38,678 रुपये का भुगतान किए जाने और ग्राम पंचायत गौसपुर में हिलाल अहमद के नाम 2,27,770 रुपये का भुगतान नियमों के विपरीत किए जाने की बात सामने आई।
मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन ग्राम विकास अधिकारी ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्हें पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, उच्चाधिकारियों के आदेशों और शासनादेशों की अवहेलना का दोषी पाया गया।
निलंबन के बाद बीडीओ राजेपुर को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें 15 दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


