=गणमान्यजनों, न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों समेत जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तक की झूठी शिकायतें करने का आदी रहा
=श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश तक की कर चुका झूठी शिकायत
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। कचहरी फतेहगढ़ का चर्चित नॉन प्रक्टिीशनर वकील जिस पर दलित उत्पीडन गैंगरेप मारपीट जैसी संगीन धाराओं के करीब एक दर्जन मुकदमें पंजीकृत हैं। जब भी उस पर कार्यवाही की तलवार लटकी तो उसने सोशल मीडिया और उच्चाधिकारियों को परिवार सहित आत्मदाह की धमकी जरिए पोस्ट और चिठ््ठियों से तो दी ही, वह गणमान्यजनों न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायते ंकरने में भी देरी नही लगाता। तत्कालीन जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के अलावा तत्कालीन एसपी अनिल मिश्रा सीओ सिटी मन्नी लाल गौड़ इंस्पेक्टर कुलदीप दीक्षित आरके शर्मा और न जाने कितने नाम जिनकी शिकायतें वह महामहिम राष्ट्रपति से शुरू कर प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री राज्यपाल और शासन स्तर के उच्चाधिकारियों को उनके मय नाम करने की फेहरिस्त लगा देता है। तत्कालीन गर्वनर रहे रामनाईक के खिलाफ तक उसने अपने माफिया साथी रहे फतेहगढ़ वार के पूर्व महासचिव संजीव पारिया द्वारा शिकायत लगवा दी।
कचहरी फतेहगढ़ की सम्मानित न्यायालयों और काले कोट को हथियार बनाकर अवधेश मिश्रा ने हमेशा आम जनमानस में तबाही मचाई। तमाम पुलिस कर्मियों के खिलाफ उसने हमेशा विगुल तब फूंका जब उसके खिलाफ कोई कार्यवाही प्रशासन ने अमल में लानी चाही।
झूठी शिकायतों के माध्यम से उसने हमेशा उच्चाधिकारियों का अपने प्रति ध्यान भटकाने का पैतरा अपनाया। हाल ही में फतेहगढ में तैनात पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह के खिलाफ भी न जाने कितनी झूठी शिकायतें उसके द्वारा की गई। जबकि उसके विरूद्व पत्रकार अजय चौहान द्वारा लिखाये गये मुकदमें की एसआईटी टीम द्वार जांच होने के बाद विवेचना प्रारंभ हुई। यहां बताना जरूरी है कि अवधेश मिश्रा कुख्यात माफिया और गैगस्टर अनुपम दुबे व उसके भाईयों का सबसे बड़ा कथित सहयोगी है।
चारों स्तम्भ की झूठी शिकायतें करने का आदी नॉन प्रक्टिीशनर वकील अवधेश मिश्रा


