फर्रुखाबाद। जिले से प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों की अरुचि सामने आ रही है। प्रशासन द्वारा किसानों को समझाने और बैनामा कराने के लगातार प्रयासों के बावजूद 25 दिनों में केवल 44 किसानों ने ही अपनी भूमि का बैनामा कराया है, जबकि अकेले सदर तहसील क्षेत्र में ही 16 हजार से अधिक किसानों से भूमि अधिग्रहण किया जाना है। ऐसे में राजस्व विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जानकारी के अनुसार जिले से होकर गुजरने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में कृषि भूमि अधिग्रहित की जानी है। इस परियोजना के लिए प्रशासन ने किसानों से सीधे बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है। राजस्व कर्मी लगातार गांव-गांव जाकर किसानों को योजना की जानकारी दे रहे हैं और उन्हें बैनामा कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, इसके बावजूद किसान अभी भी आगे आने में हिचकिचा रहे हैं।
तहसील सदर स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में इस परियोजना का पहला बैनामा 10 फरवरी को दर्ज किया गया था। गांव सिरमौरा तराई निवासी किसान रूपलाल ने अपनी दो बीघा तीन बिस्वा भूमि का बैनामा किया था। इसके बाद से अब तक कुल 44 किसानों ने ही अपनी भूमि का बैनामा कराया है। प्रशासन का मानना है कि किसानों को मुआवजे और अन्य प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी मिलने के बाद बैनामों की संख्या बढ़ सकती है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कर्मचारियों की टीमें लगातार गांवों का दौरा कर रही हैं। किसानों को एक्सप्रेस-वे से होने वाले विकास और क्षेत्र में रोजगार व व्यापार की संभावनाओं के बारे में भी बताया जा रहा है, ताकि वे स्वेच्छा से भूमि देने के लिए आगे आएं।
हालांकि कई किसान अभी मुआवजे की दर और अन्य शर्तों को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं। कुछ किसान अधिक मुआवजे की मांग भी कर रहे हैं, जिसके कारण बैनामों की प्रक्रिया धीमी गति से आगे बढ़ रही है। प्रशासन का कहना है कि किसानों की समस्याओं और शंकाओं को दूर करने के लिए बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और उन्हें आश्वस्त किया जा रहा है कि उन्हें सरकार की तय नीति के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में किसानों का सहयोग बढ़ेगा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण में सुस्ती, 25 दिनों में केवल 44 किसानों ने कराया बैनामा


